ईरान को परमाणु कार्यक्रम छोड़ने पर ही मिलेगी राहत: अमेरिका

• अमेरिका ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम छोड़ने की शर्त पर ही राहत देने की बात कही है। • अमेरिकी विदेश सचिव ने कहा कि किसी भी प्रकार की राहत परमाणु गतिविधियों को छोड़ने से जुड़ी होगी। • सीनेट की सुनवाई में इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जहां ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि बताई गई। • आगे की जांच और संभावित समझौते पर बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। ने अमेरिकी विदेश सचिव की ओर से यह स्पष्ट किया है कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से छोड़ने पर ही मिलेगी। सीनेट की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की ढील केवल परमाणु गतिविधियों को बंद करने की एवज में ही दी जाएगी। इस मामले में जांच और कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
• अमेरिका ने ईरान को परमाणु कार्यक्रम छोड़ने पर ही राहत देने की बात कही, प्रतिबंधों पर कोई ढील नहीं • विदेश सचिव ने सीनेट में स्पष्ट किया: परमाणु गतिविधियों को छोड़ने की शर्त पर ही मिलेगी राहत • ईरान युद्ध के बीच अमेरिका की कूटनीतिक रणनीति, परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने पर जोर • सीनेट की सुनवाई में बजट कटौती, सैन्य खर्च और ईरान के साथ कूटनीतिक संबंधों पर हुई गहन चर्चा ने अमेरिकी विदेश सचिव के एक महत्वपूर्ण बयान के अनुसार, यह स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के बदले ही प्रतिबंधों से राहत देने की पेशकश की है। सीनेट की एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान में ईरान के साथ जो भी चर्चाएं चल रही हैं, उनमें किसी भी प्रकार की राहत पूरी तरह से ईरान की परमाणु गतिविधियों को रोकने की शर्त पर आधारित है। विदेश सचिव ने इस बात पर बल दिया कि ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों का मूल कारण उसके परमाणु कार्यक्रम ही हैं, और इन प्रतिबंधों से मुक्ति के लिए ईरान को अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं का त्याग करना होगा। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि यदि ईरान अपनी परमाणु गतिविधियों को छोड़ने के लिए सहमत होता है, तो उसे इन प्रतिबंधों से राहत मिलेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी प्रशासन अपने विदेश मामलों के बजट में 30% की कटौती और सैन्य खर्च में 50% की वृद्धि का प्रस्ताव पेश कर रहा है। सीनेट की विदेश संबंध समिति के समक्ष अपनी पहली सार्वजनिक गवाही में, विदेश सचिव ने ईरान युद्ध की पृष्ठभूमि पर भी प्रकाश डाला, जो अमेरिका और इजरायल द्वारा फरवरी के अंत में शुरू किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस सुनवाई में सांसदों ने ईरान युद्ध को समाप्त करने की रणनीति पर भी सवाल उठाए। कुछ सांसदों ने प्रशासन द्वारा कांग्रेस को युद्ध शक्तियों की अधिसूचना प्रदान करने में पारदर्शिता की कमी पर चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से तब जब अमेरिका ईरान के खिलाफ हमले कर रहा था और ईरान भी अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई कर रहा था। यह भी बताया गया कि ईरान अपने पारंपरिक हथियारों की क्षमताओं को परमाणु कार्यक्रम के लिए एक 'ढाल' के रूप में उपयोग करने का इरादा रखता था, जिसे अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा मानता है। इस दौरान, अमेरिकी सांसदों ने ईरान के साथ चल रही बातचीत की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की। कुछ ने ईरान की ओर से अंतरिम समझौते की मांग का उल्लेख किया, जिसमें प्रतिबंधों से राहत और तेल राजस्व तक पहुंच शामिल हो। हालांकि, अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाना जारी रखा है, भले ही बातचीत चल रही हो। यह स्थिति कूटनीतिक प्रयासों में जटिलता पैदा कर रही है।

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