ईरान-अमेरिका युद्धविराम समझौते पर विचार कर रहा, गतिरोध जारी

• युद्धविराम की संभावना पर ईरान का रुख • अमेरिकी राष्ट्रपति की बातचीत पर टिप्पणी • होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति • लंबित वार्ता और आर्थिक दबाव ईरान, अमेरिका के साथ युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित एक समझौते की समीक्षा कर रहा है। यह जानकारी मेहर ने दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि बातचीत जारी है। तीन महीने से अधिक समय से चल रहे संघर्ष में गतिरोध बना हुआ है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य काफी हद तक बंद है। ईरान ने अंतिम मसौदे पर अभी तक प्रतिक्रिया नहीं दी है, वह अमेरिका के पूर्व के गैर-अनुपालन और अविश्वास के कारण 'सख्त' रुख अपना रहा है।
• युद्धविराम की ओर बढ़ते कदम: ईरान के समझौते पर विचार का खुलासा • अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से बातचीत की पुष्टि और समझौते की उम्मीदें • होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक प्रभाव • ईरान की मांगें: आर्थिक राहत और रणनीतिक नियंत्रण की तलाश ईरान, अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रस्तावित एक समझौते की समीक्षा कर रहा है। यह महत्वपूर्ण जानकारी मंगलवार को ईरान की मेहर ने प्रकाशित की। यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा यह संकेत दिए जाने के बाद आया है कि दोनों देशों के बीच एक शांति समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत जारी है।
तीन महीने से अधिक समय से जारी इस संघर्ष ने एक गंभीर गतिरोध का रूप ले लिया है। इस दौरान, एक अंतरिम समझौते पर बातचीत के लिए की गई अप्रत्यक्ष वार्ताएं भी अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं दे पाई हैं। इस गतिरोध का एक प्रमुख परिणाम होर्मुज जलडमरूमध्य का काफी हद तक बंद होना है, जो वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है।
ईरान ने प्रस्तावित अंतिम मसौदे पर अभी तक अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। मेहर ने एक सूत्र के हवाले से बताया है कि ईरान इस समय 'सख्त' रुख अपना रहा है। इस कड़े रुख के पीछे ईरान के अपने तर्क हैं, जिसमें अमेरिका द्वारा पूर्व में समझौतों का पालन न करना और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा गहरा अविश्वास शामिल है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ वार्ताएं सक्रिय रूप से जारी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले सप्ताह तक युद्धविराम को बढ़ाने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संबंध में एक समझौता हो सकता है। मार्च के मध्य से, राष्ट्रपति ट्रम्प ने कई बार यह बयान दिया है कि वह एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के बहुत करीब हैं। हालांकि, अप्रैल की शुरुआत से युद्धविराम काफी हद तक बना हुआ है, लेकिन पिछले सप्ताह के दौरान ईरान और अमेरिका के बीच कई बार छिटपुट जवाबी हमले भी हुए हैं।
इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा और नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, विशेष रूप से ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि के रूप में। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से बंद करने से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता आई है। इस जलडमरूमध्य से पहले दुनिया की लगभग पांचवीं हिस्सा तेल और एलएनजी की आपूर्ति होती थी। इस स्थिति ने वैश्विक आर्थिक पीड़ा को बढ़ाया है।
ईरान की ओर से कुछ प्रमुख मांगें सामने आ रही हैं। देश एक सीमित अंतरिम समझौते की तलाश में है ताकि बढ़ते आर्थिक दबाव को कम किया जा सके, जबकि अपने परमाणु कार्यक्रम पर बड़ी रियायतें देने से बचा जा सके। किसी भी संभावित समझौते के हिस्से के रूप में, तेहरान सभी मोर्चों पर, जिसमें लेबनान भी शामिल है, शत्रुता की समाप्ति चाहता है। इसके अतिरिक्त, ईरान को अपने तेल राजस्व में अरबों डॉलर तक पहुंच, कच्चे तेल के निर्यात पर छूट, अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी का हटना, और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना रणनीतिक नियंत्रण बनाए रखने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रम्प पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और अमेरिकी ईंधन की कीमतों को नियंत्रित करने का दबाव है, साथ ही ईरान को महत्वपूर्ण रियायतें देने से भी बचना है। इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने मंगलवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में गार्ड्स की नौसेना से अनुमति प्राप्त करने के बाद 24 जहाजों ने जलडमरूमध्य से आवागमन किया है। ईरान ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि यदि इजरायल ने बेरूत पर फिर से हमला किया तो वह लाल सागर के मुहाने पर एक अन्य महत्वपूर्ण जलमार्ग, बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य तक अपनी नाकाबंदी का विस्तार कर सकता है।



