ईरानी टीवी: लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहे तो सीजफायर खत्म हो सकता है
• लेबनान पर इजरायली हमलों से सीजफायर पर खतरा • ईरान ने अमेरिका से अप्रत्यक्ष बातचीत रोकी • तनाव के बीच तेल की कीमतों में उछाल • आगे की कार्रवाई पर अनिश्चितता के अनुसार, लेबनान पर इजरायली हमलों के जारी रहने पर ईरान और अमेरिका के बीच अप्रैल में हुआ सीजफायर समाप्त हो सकता है। ईरानी टीवी ने यह जानकारी दी है। इसी बीच, तेहरान ने अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत रोकने की घोषणा की है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों को झटका लगा है। इस घोषणा के बाद तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई। आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।
• लेबनान पर इजरायली हमलों के चलते सीजफायर पर गंभीर संकट, ईरान ने बातचीत रोकी • अप्रत्यक्ष वार्ता स्थगित होने से क्षेत्रीय तनाव बढ़ा, तेल की कीमतों में भारी उछाल • ईरान ने इजरायल और अमेरिका को चेतावनी दी, नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह • मध्य पूर्व में युद्ध का विस्तार, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर भी प्रभाव की आशंका के अनुसार, लेबनान पर इजरायली हमलों के निरंतर जारी रहने की स्थिति में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अप्रैल में स्थापित हुआ सीजफायर समाप्त होने की प्रबल संभावना है। ईरानी राज्य टेलीविजन ने सोमवार को यह जानकारी दी, हालांकि उन्होंने इस संबंध में कोई अतिरिक्त विवरण नहीं दिया। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरानी तस्नीम ने बताया कि तेहरान ने अमेरिका के साथ अपनी अप्रत्यक्ष बातचीत को रोक दिया है। यह निर्णय इजरायल द्वारा लेबनान में अपनी सेना को और गहराई तक ले जाने के आदेश के बाद लिया गया है, जिसने तीन महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों को और जटिल बना दिया है।
इस घटनाक्रम पर ईरानी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक रिपोर्टर को बताया कि उन्हें ईरान से बातचीत के निलंबन के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि सार्वजनिक रूप से बहुत अधिक बातें कही जा रही हैं और "शांत रहना बहुत अच्छा होगा"। तस्नीम की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की बातचीत टीम मध्यस्थों के माध्यम से वाशिंगटन के साथ संदेशों का आदान-प्रदान रोक रही है। यह कदम लेबनान पर हो रहे हमलों के संदर्भ में उठाया गया है, जहां अमेरिका-इजरायल युद्ध ने हिजबुल्लाह के साथ इजरायल के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को फिर से भड़का दिया है। इस घोषणा ने संकट के शीघ्र समाधान की आशाओं को और धूमिल कर दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में 6 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इजरायली प्रधानमंत्री के कार्यालय ने हिजबुल्लाह पर अप्रैल के अंत में हुए सीजफायर के बार-बार उल्लंघन का आरोप लगाया है। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी बातचीत के रुख की आलोचना करते हुए कहा कि यह "लगातार बदल रहा है"। ईरान के कमांडर अली अब्दोल्लाही ने उत्तरी इजरायल के निवासियों को चेतावनी दी कि यदि वे नुकसान से बचना चाहते हैं तो वे क्षेत्र छोड़ दें।
युद्ध का विस्तार मध्य पूर्व में चिंता का विषय बना हुआ है। ईरान और उसके सहयोगी, जिनमें यमन के हौथी शामिल हैं, ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों को अवरुद्ध करने की योजना बनाई है। यह जलडमरूमध्य स्वेज नहर की ओर जाने वाले समुद्री यातायात को नियंत्रित करता है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को और बाधित कर सकता है, जिससे पहले से ही अस्थिर क्षेत्रीय स्थिति और बिगड़ सकती है। ईरान का कहना है कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर बड़ी रियायतें देने से बचते हुए घरेलू आर्थिक दबाव को कम करने के लिए अमेरिका के साथ एक सीमित अंतरिम समझौते की तलाश में है।
अमेरिका ने हाल ही में ईरानी हवाई अड्डों और नियंत्रण स्टेशनों पर हमला करने की बात स्वीकार की थी, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। इन घटनाओं ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।


