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Technology01 Jun 2026, 08:16 pm

वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक, सांस्कृतिक सहयोग पर मंथन

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वाराणसी में ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक, सांस्कृतिक सहयोग पर मंथन

वाराणसी में 4-5 जून को ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की दूसरी बैठक होगी। भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस आयोजन में सदस्य देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा करेंगे। बैठक का मुख्य एजेंडा रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और जलवायु परिवर्तन व सतत विकास के बीच संबंध होगा। संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि यह बैठक प्रमुख सांस्कृतिक मुद्दों पर बहुपक्षीय संवाद का मंच प्रदान करेगी। • सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा • भारत की अध्यक्षता में आयोजन • एजेंडे में प्रमुख मुद्दे • बहुपक्षीय संवाद का मंच से ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक सहयोग और नवाचार पर विचार-विमर्श के लिए वाराणसी में एकत्र होंगे। बैठक में रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने इसे बहुपक्षीय संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।

वाराणसी, उत्तर प्रदेश, 4-5 जून 2026 को ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह (CWG) की दूसरी बैठक का साक्षी बनेगा। यह महत्वपूर्ण आयोजन भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत हो रहा है, जिसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को और गहरा करना है। दो दिवसीय इस बैठक में ब्रिक्स राष्ट्रों के प्रतिनिधि भारत की 2026 की ब्रिक्स थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” के अंतर्गत सांस्कृतिक सहयोग और समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श करेंगे।

• वाराणसी में ब्रिक्स देशों का सांस्कृतिक सहयोग पर गहन मंथन, दो दिवसीय बैठक आज से शुरू • रचनात्मक अर्थव्यवस्था, AI की भूमिका और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण प्रमुख एजेंडा में शामिल • संस्कृति सचिव ने बताया, यह बैठक बहुपक्षीय संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी • भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों के बीच नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने पर जोर

से नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने इस बैठक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह बैठक प्रमुख सांस्कृतिक मुद्दों पर एक संरचित बहुपक्षीय संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी, जिससे सदस्य देशों के बीच समझ और सहयोग बढ़ेगा। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक के एजेंडे में तीन प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इनमें पहला है रचनात्मक अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक व रचनात्मक उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका का विश्लेषण। दूसरा महत्वपूर्ण विषय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और ऐतिहासिक सांस्कृतिक संपत्तियों की वापसी के मुद्दे होंगे। तीसरा क्षेत्र संस्कृति, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के बीच जटिल संबंधों की पड़ताल करेगा। मंत्रालय के अनुसार, यह एजेंडा ब्रिक्स देशों के बीच नवाचार को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक डोमेन में प्रौद्योगिकी के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित करने, विश्व की सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने, विरासत संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने और 2030 के बाद भी वैश्विक सतत विकास एजेंडा में सक्रिय योगदान देने की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की स्थापना 2015 में ब्रिक्स सदस्य राज्यों के बीच संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग समझौते के तहत की गई थी। तब से, इसने सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालयों, अभिलेखागारों, फिल्मों, रचनात्मक उद्योगों और डिजिटल सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार किया है। भारत ने वर्षों से ब्रिक्स के भीतर सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिसमें 2016 में गोवा और 2021 में नई दिल्ली में हुई अध्यक्षताएं शामिल हैं। 2026 में ब्रिक्स के अध्यक्ष के रूप में, भारत सदस्य राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को निर्देशित करना जारी रखेगा। वर्तमान में ब्रिक्स समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हैं। यह समूह राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है, जिसका लक्ष्य एक अधिक समावेशी और न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

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