कोका-कोला की भारत में $10 अरब की बॉटलिंग इकाई के आईपीओ की तैयारी, 2027 में लिस्टिंग संभव
• भारतीय बाजार में कोका-कोला की बड़ी योजना • 2027 तक $10 अरब के मूल्यांकन का लक्ष्य • स्थानीय प्रतिस्पर्धा के बीच रणनीति • निवेश के नए अवसर खुलेंगे वैश्विक पेय दिग्गज कोका-कोला अपनी सबसे बड़ी भारतीय बॉटलिंग इकाई, हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स के लिए 2027 में भारतीय शेयर बाजारों में आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाने की योजना बना रही है। यह कदम कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है, जिसका लक्ष्य अपनी इकाई का मूल्यांकन लगभग 10 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। कंपनी अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचकर सार्वजनिक निवेश के अवसर खोलेगी।
• कोका-कोला की भारत में $10 अरब की बॉटलिंग इकाई के आईपीओ की योजना, 2027 में लिस्टिंग की तैयारी • हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स के सार्वजनिक होने से निवेश के नए द्वार खुलेंगे, मूल्यांकन 10 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान • जुबिलेंट भार्तिया समूह के साथ संयुक्त स्वामित्व में, कंपनी का लक्ष्य भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करना • कैंपा कोला से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, कोका-कोला अपनी वितरण क्षमता और ब्रांड पोर्टफोलियो पर कर रही है ध्यान केंद्रित वैश्विक पेय पदार्थ दिग्गज कोका-कोला अपनी सबसे बड़ी भारतीय बॉटलिंग इकाई, हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स के लिए आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार कर रही है। कंपनी की योजना 2027 तक भारतीय शेयर बाजारों, विशेष रूप से बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर इस इकाई को सूचीबद्ध करने की है। इस महत्वाकांक्षी कदम के तहत, हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स का मूल्यांकन लगभग 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह भारतीय बाजार में कोका-कोला के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय और रणनीतिक कदम साबित हो सकता है। वर्तमान स्वामित्व संरचना के अनुसार, कोका-कोला की मूल कंपनी की हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स में 60% हिस्सेदारी है। यह व्यवस्था जुबिलेंट भार्तिया समूह द्वारा 2025 में इकाई की 40% हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद स्थापित हुई थी। 1997 में स्थापित हुई इस बॉटलिंग इकाई ने भारत में एक मजबूत परिचालन आधार तैयार किया है। इसके अंतर्गत देश के 10 विभिन्न राज्यों में कुल 14 बॉटलिंग संयंत्र संचालित होते हैं। यह इकाई कोका-कोला, थम्स अप, स्प्राइट और फैंटा जैसे अपने प्रमुख ब्रांडों के लिए वितरण, पैकेजिंग और बिक्री गतिविधियों का प्रबंधन करती है। कंपनी ने अपनी आगामी लिस्टिंग के लिए वित्तीय सलाहकार के तौर पर रॉथ्सचाइल्ड (Rothschild) के साथ एक सलाहकार समझौता भी किया है। कोका-कोला के भारत और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष, सांकट रे ने कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए कहा, "कोका-कोला कंपनी इस महत्वपूर्ण बॉलर में निवेशित रहेगी और भारत में अपने वैश्विक और स्थानीय ब्रांडों के पोर्टफोलियो को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी।" यह बयान भारतीय बाजार के प्रति कंपनी के मजबूत इरादों को दर्शाता है। वित्तीय मोर्चे पर, हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स ने 2024-25 के वित्तीय वर्ष में 50 अरब रुपये (लगभग 526.37 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है, जो कि कम से कम 2021 के बाद से इसका सर्वोच्च प्रदर्शन है। यह इस बात का संकेत है कि कंपनी भारतीय बाजार में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। हालांकि, कोका-कोला को भारतीय बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से, रिलायंस के उपभोक्ता उत्पाद ब्रांड, कैंपा कोला, ने आक्रामक रूप से बाजार में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है और कोका-कोला के बाजार हिस्सेदारी को चुनौती दे रहा है। आगामी आईपीओ से पहले, कंपनी को इस बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी बाजार स्थिति बनाए रखने और उसे मजबूत करने की आवश्यकता होगी। बाजार विश्लेषक अब रॉथ्सचाइल्ड द्वारा उठाए जाने वाले कदमों और हिंदुस्तान कोका-कोला होल्डिंग्स के 2027 के स्टॉक मार्केट डेब्यू की तैयारियों पर बारीकी से नजर रखेंगे।


